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पुलिस अधिनियम 1861, और जिसे हम आज़ादी के बाद नहीं बदल पाए
एक थाने का दृश्य है। एक आम नागरिक एक छोटी सी शिकायत लेकर आया है। उसके पड़ोसी ने उसकी ज़मीन पर एक दीवार बढ़ा दी है, या किसी ने उसकी…
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धारा 144: एक उपनिवेशी हथियार जो आज भी काम कर रहा है
एक शहर है। शाम का समय है। कुछ नागरिक एक पार्क में जमा होने वाले थे, एक छोटी सी सभा के लिए। विषय क़ानूनी था, किसी राजनीतिक दल की रैली…
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गांव में कृषि की वापसी: जब विकास उल्टा चलता है
एक गांव है, देश के किसी एक हिस्से में। पंद्रह साल पहले इस गांव से जवान लड़के निकले थे। कोई शहर में फ़ैक्ट्री में लगा, कोई सिक्योरिटी गार्ड बना, कोई…
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युवा बेरोज़गारी का बढ़ता आंकड़ा, और लड़कियों की वह दोहरी मार
एक बेटी है, उम्र तेईस। तीन साल पहले उसने अपनी स्नातक की डिग्री पूरी की थी, अच्छे अंकों के साथ। पिछले तीन साल वह घर पर है। काम तलाश रही…
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नागरिक संस्कार का वीडियो, और टूटी हुई व्यवस्था का सच
एक सड़क है, किसी भी शहर की। दोपहर का समय है। एक आदमी सड़क के किनारे खड़ा है, और उसने अभी एक छोटा सा थूकने वाला काम किया है। उसके…
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पानी का दूसरा देश: जब टंकी ख़ाली होती है, सबकी एक साथ नहीं होती
सुबह के पांच बजे एक बस्ती में एक हैंडपंप के सामने पंक्ति लगी है। पहले नंबर पर एक महिला अपनी बाल्टी रखे खड़ी है। उसके पीछे दस और औरतें, बच्चे,…